


बीकानेर. पांच दिवसीय दीपोत्सव के चतुर्थ पर्व के रूप में आज गोर्वधन उत्सव मनाया जा रहा है। घर-घर भगवान कृष्ण का पूजन कर गाय के गोबर से बनाई गई गोर्वधन पर्वत की अनुकृति की पूजा अर्चना कर प्रदक्षिणा की जा रही है। गोर्वधन पूजन में घर-परिवार की महिलाएं सामुहिक रूप से घर के मु य द्वार के बाहर राती मिट्टी से बनाए गए गोर्वधन आकृति पर गाय के गोबर से गोर्वधन पर्वत की अनुकृति बनाकर कुमकुम, अक्षत, रोली, चावल, दूध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ऋतुफल, खीर, बताशा, प्रसाद आदि पूजन सामग्रियों से पूजन कर महिलाएओं ने गोर्वधन अनुकृति की प्रदक्षिण की। पार परिक वस्त्रों और आभूषणों से सज धज कर महिलाओं ने गोर्वधन पर्वत की अनुकृति की पूजा-अर्चना कर घर-परिवार की सुख समृद्धि की कामना की और घर परिवार के बड़े बुजुर्गो से आर्शीवाद प्राप्त किया। गोर्वधन पूजन पर घर-घर में भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की गई। शहर में स्थित कृष्ण मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन कर भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की। गाय और बछड़े भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय होने के कारण कई श्रद्धालुओं ने गोशालाओं में पहुंचकर गाय बछड़ो की सेवा की ओर उनको गुड व घास खिलाया। गोर्वधन पूजन पर आज भगवान गिरिराज देव के अन्नकूट का भोग लगाया गया। अन्नकूट में 56 प्रकार के भोग होते है।
रामा-श्यामा कर लिया आर्शीवाद
दीपोत्सव के चौथे दिन आज रामा-श्यामा कर बड़े बुजुर्गो से आर्शीवाद लिया जा रहा है। शहर में सुबह से ही रामा -श्यामा का क्रम चल रहा है। अपनों से बड़ों के पांव छूकर आर्शीवाद ले रहे है। छोटे-छोटे बच्चे अपने घर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ गली, मोहल्लों में स्थित बड़े बुजुर्गो के पांव छूने और आर्शीवाद लेने पहुंच रहे है। रामा-श्याम का सुबह से शुरू हुआ सिलसिला रात तक चलेगा।