इनकम टैक्स भरने की अन्तिम तारीख फिर बढ़ी

Last date for filing income tax extended again
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नई दिल्ली। ये तीसरी बार है जब भारत सरकार के आयकर विभाग ने इनकम टैक्स भरने की आखिरी तारीख बढ़ाई है। इससे पहले आयकर विभाग ने पहले 31 जुलाई से आखिरी तारीख को 30 नवंबर तक के लिए बढ़ाया था, फिर इसे 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ाया गया और अब इसे फिर से 10 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है। आयकर विभाग ने एक बार फिर से आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ा देने से कुछ राहत मिली है। चुंकि इन्टरनेट कनेक्टिविटी कि शिकायतें बहुत आने के बाद यह निर्णय लेना पड़ा है। अब अलग- अलग कैटेगरी के लिए आखिरी तारीख को अलग-अलग अवधि के लिए बढ़ाया गया है। इसमें सबसे अहम ये है कि जिन लोगों को अपना आईटीआर फाइल करने के लिए अपने अकाउंट्स को ऑडिट नहीं करवाना होता है और जो अपना रिटर्न आईटीआर-1 या आईटीआर-4 फॉर्म के जरिए भरते हैं, उन्हें अब 10 जनवरी तक की राहत मिल गई है।
ये तीसरी बार है जब आयकर विभाग ने इनकम टैक्स भरने की आखिरी तारीख बढ़ाई है। इससे पहले आयकर विभाग ने पहले 31 जुलाई से आखिरी तारीख को 30 नवंबर तक के लिए बढ़ाया था, फिर इसे 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ाया गया और अब इसे फिर से 10 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
अब 10 जनवरी है आखिरी तारीख, जानिए इसके बाद आईटीआर भरने पर क्या होगा!
आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख अब 10 जनवरी हो गई है। आयकर विभाग के अनुसार 29 दिसंबर तक 4.54 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल कर दिया है। आप भी जल्द से जल्द अपना आईटीआर फाइल कर लें, वरना आपको भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
कोरोना महामारी की वजह से आयकर विभाग ने कई बार आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाई है। एक बार फिर इसे 31 दिसंबर से बढ़ाकर 10 जनवरी कर दिया गया है।आयकर विभाग के अनुसार 29 दिसंबर तक 4.54 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल कर दिया है। कुछ लोग अभी भी आईटीआर को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। आइए आपको बताते हैं कि अगर आखिरी तारीख तक भी आपने आईटीआर नहीं भरा तो क्या होगा?
देरी करने पर झेलनी होगी भारी भरकम पेनाल्टी
आखिरी तारीख के बाद आईटीआर भरने पर सबसे बड़ी दिक्कत तो यही होती है कि भारी-भरकम जुर्माना चुकाना पड़ता है। सेक्शन 234 एफ के तहत 31 दिसंबर के बाद आईटीआर फाइल करने पर आपको 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। अगर आपकी आय 5 लाख रुपये से कम है तो भी आपको 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा। यानी भले ही 5 लाख तक की आय वाले पर कोई टैक्स नहीं लगता है, लेकिन देर से आईटीआर फाइल करने की वजह से जुर्माना जरूर लगेगा।
देर से आयकर रिटर्न फाइल करने पर दूसरा बड़ा नुकसान ये होता है कि आप अपने नुकसान को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकते हैं। यानी देर से आयकर रिटर्न फाइल करने पर आपको हाउस प्रॉपर्टी, बिजनस गेन या कैपिटल गेन से होने वाले नुकसान को कैरी फॉरवर्ड करने का विकल्प नहीं मिलता है। तो अगर आप इस बड़े नुकसान से बचना चाहते हैं तो 10 जनवरी तक अपना आयकर रिटर्न जरूर फाइल कर लें।
भरना होगा 1 फीसदी प्रति महीना ब्याज
अगर आप देय तिथि के बाद आयकर रिटर्न फाइल करते हैं जो जितनी अधिक देर करेंगे, धारा 234ए के तहत आपको अपने चुकाए जाने वाले टैक्स पर प्रति महीना 1 फीसदी की दर से ब्याज भी चुकाना होगा। बता दें कि कोई भी इंडिविजुअल 31 मार्च 2021 तक ये सारी पेनाल्टी भर कर लेट आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। 3 साल पहले तक लेट रिटर्न फाइल करने की स्थिति में रिवीजन भी नहीं होता था, जबकि अब करदाता रिवाज्ड आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
सजा का भी है प्रावधान
अगर कोई शख्स लेट रिटर्न फाइल करने की सीमा भी पार कर जाता है तो आयकर विभाग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इस कार्रवाई के तहत 3 महीने से लेकर 2 साल तक की जेल का भी प्रावधान है। अगर बकाया टैक्स की रकम 25 लाख से अधिक है तो यह सजा 7 साल तक की भी हो सकती है। बता दें कि अगर कोई अपनी आय कम दिखाता है तो आयकर विभाग की तरफ से उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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