पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में महिला डॉक्टर से मारपीट का आरोप, रेजिडेंट डॉक्टर्स ने सेवाएं की स्थगित
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना के बाद मामला गरमा गया है। विरोध स्वरूप सर्जरी, न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दी हैं।
रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा जारी लिखित सूचना के अनुसार 30 मई को ट्रॉमा सेंटर में ड्यूटी पर तैनात एक महिला सर्जरी रेजिडेंट के साथ मारपीट और गंभीर अभद्र व्यवहार की घटना हुई। डॉक्टरों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें प्राचार्य, अतिरिक्त प्राचार्य और अधीक्षक शामिल हैं, से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
डॉक्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े पुलिस अधिकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और वहां मौजूद रेजिडेंट्स के साथ अनुचित व्यवहार किया। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपियों का पक्ष लेती हुई दिखाई दी, जिससे चिकित्सकों में रोष और बढ़ गया।
सुरक्षा नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
रेजिडेंट चिकित्सकों का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर में पहले भी डॉक्टरों के साथ मारपीट और अभद्रता की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे माहौल में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और अस्पताल परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक संबंधित विभागों के रेजिडेंट डॉक्टर अपनी सेवाएं स्थगित रखेंगे।
मरीजों पर पड़ सकता है असर
रेजिडेंट डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार से पीबीएम अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। खासकर ट्रॉमा सेंटर और उससे जुड़े विभागों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदम पर टिकी हुई हैं।






