उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के एक होटल में विदेशी महिलाओं के अवैध रूप से ठहरने का मामला सामने आने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए थाईलैंड मूल की तीन महिलाओं को डिटेन किया है। जांच के दौरान तीनों के पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त होने की बात सामने आई। अब उन्हें भारत से डिपोर्ट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
स्पा के काम की सूचना पर होटल में दबिश
मामले के अनुसार, सीआईडी की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को सूचना मिली थी कि गोवर्धन विलास क्षेत्र के एक होटल में विदेशी महिलाएं बिना वैध दस्तावेजों के ठहरी हुई हैं। होटल में मसाज और स्पा के काम की आड़ में उनकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना भी मिली थी। इसके बाद सीआईडी और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल में दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान होटल में थाईलैंड की तीन महिलाओं के ठहरने की पुष्टि हुई। दस्तावेजों की जांच में उनके पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त मिली, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया।
होटल के रिकॉर्ड में नहीं मिली एंट्री
पुलिस ने होटल संचालक से पूछताछ की तो उसने महिलाओं से स्पा का काम करवाने की बात स्वीकार की। इसके बाद होटल के विजिटर रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में तीनों विदेशी महिलाओं के ठहरने की एंट्री नहीं मिली। इस तथ्य ने होटल प्रबंधन की ओर से विदेशी नागरिकों के ठहराव से जुड़े नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) मुकुल शर्मा के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (विदेशी पंजीयन अधिकारी) डॉ. विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
फिलहाल, तीनों महिलाओं को भारत से डिपोर्ट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मामले में होटल में विदेशी नागरिकों के ठहराव से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी जांच की जा रही है।








