राजस्थान मौसम विश्लेषण | 19 जून से आगामी दिनों का पूर्वानुमान

राजस्थान में 19 जून के दौरान मौसम लगातार सक्रिय बना हुआ है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, सिरोही, सांचौर, पाली, फलोदी, नागौर तथा डीडवाना-कुचामन क्षेत्रों में देर रात से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला। कई स्थानों पर मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं। विशेष रूप से बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, पाली, राजसमंद, जोधपुर, ओसियां, भोपालगढ़, भीलवाड़ा, मेड़ता, कुचेरा, नागौर, डीडवाना, कुचामन, अजमेर, ब्यावर, शाहपुरा, टोंक और सवाई माधोपुर क्षेत्रों में देर रात तक मौसम प्रभावी बना रहा।
आज सुबह के समय भी जोधपुर, पाली, राजसमंद, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, सिरोही, सांचौर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, अजमेर, ब्यावर, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी और झालावाड़ क्षेत्रों में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। तड़के के समय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश तथा खंड वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद अधिकांश क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलेंगी और हल्के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
उदयपुर संभाग और कोटा संभाग में दोपहर से ही मौसम सक्रिय होना शुरू हो जाएगा। उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिलों में दोपहर बाद बादलों का विकास होगा तथा कई स्थानों पर गर्जना के साथ बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं।
दोपहर से शाम के बीच पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर के पश्चिमी भाग, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, रावला-घड़साना क्षेत्र, नागौर, चूरू के दक्षिणी एवं पश्चिमी भाग तथा नागौर के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम में बदलाव की संभावना बनती दिखाई दे रही है। यहां आंधी, धूलभरी हवाएं तथा कहीं-कहीं बारिश की गतिविधियां विकसित हो सकती हैं।
पूर्वी राजस्थान में अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा, झुंझुनूं तथा हरियाणा सीमा से सटे क्षेत्रों में भी मौसम परिवर्तनशील रहेगा। दिन के समय तापमान में हल्की गिरावट महसूस हो सकती है तथा कई स्थानों पर बादल छाए रहने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।
रात्रि के समय मौसम की गतिविधियां और अधिक प्रभावी होने की संभावना है। विशेष रूप से रात 10 बजे से लेकर देर रात 2 बजे तक का समय सबसे अधिक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, जयपुर, दौसा, अलवर और भरतपुर सहित अनेक क्षेत्रों में बिजली की चमक, गर्जना तथा बादलों का तीव्र विकास देखने को मिल सकता है।
19 जून की सुबह भी जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, कुचामन, फलोदी तथा आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। सुबह और तड़के के समय कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। हालांकि दोपहर और शाम के समय अधिकांश स्थानों पर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी तथा केवल चुनिंदा क्षेत्रों में ही बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
19 और 20 जून के दौरान विशेष रूप से रात्रि के समय मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना दिखाई दे रही है। यदि बादलों का घनत्व और सक्रियता अपेक्षा से अधिक बढ़ती है तो वर्षा का क्षेत्र भी बढ़ सकता है और कई स्थानों पर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं यदि बादलों का विकास कमजोर रहता है तो कुछ क्षेत्रों में बारिश सीमित रह सकती है और पूर्वानुमान में बदलाव संभव होगा।
21 और 22 जून के दौरान भी राजस्थान के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर खंड वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद 23 जून से 27-28 जून तक अधिकांश क्षेत्रों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि दोपहर के समय स्थानीय तापीय प्रभाव के कारण कहीं-कहीं बादल बन सकते हैं और हल्की खंड वर्षा देखने को मिल सकती है।
27 और 28 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ने की संभावना है। इसी दौरान अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों क्षेत्रों में मौसमीय गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय होने लगेंगी। 25 और 26 जून के बाद अरब सागर, पश्चिमी तट और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में स्पष्ट वृद्धि देखने को मिल सकती है।
लगभग 20 जून तक मुंबई, गुजरात तथा पश्चिमी तट के कई हिस्सों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिमी घाट क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम दिखाई दे रही है, लेकिन 19 और 20 जून के बाद अरब सागर के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। साथ ही बंगाल की खाड़ी में भी सक्रियता बढ़ने की संभावना है, जिससे दोनों समुद्री क्षेत्रों में मौसमीय हलचल तेज हो सकती है और मानसून को आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।
राजस्थान में मानसून के प्रवेश को लेकर वर्तमान परिस्थितियां संकेत दे रही हैं कि 29 जून से 2 जुलाई के बीच उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, कोटा, बारां और झालावाड़ के रास्ते मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून की प्रगति जारी रहेगी और लगभग 10 जुलाई तक पूरे राजस्थान में मानसून पहुंचने की संभावना बनी हुई है।
फिलहाल मौसम की परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं, इसलिए आगामी दिनों में हवाओं के पैटर्न के अनुसार पूर्वानुमान में आंशिक परिवर्तन संभव रहेगा। मौसम से जुड़ी हर नई जानकारी समय-समय पर अपडेट की जाती रहेगी।









