बीकानेर। राजस्थान ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है। आयुक्तालय द्वारा रिकॉर्ड संख्या में निरीक्षण, नियामक निगरानी का विस्तार और खाद्य मिलावट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और सख्त बनाया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 8.80 लाख किलोग्राम/लीटर से अधिक संदिग्ध मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, साथ ही 4.79 लाख किलोग्राम/लीटर से अधिक असुरक्षित खाद्य पदार्थों को नष्ट किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चार गुना से भी अधिक है।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने संस्थागत क्षमता को मजबूत करने, प्रवर्तन को प्रभावी बनाने तथा वैज्ञानिक निगरानी, नियामक सुधार और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया। वित्त वर्ष 2025-26 में आयुक्तालय के निर्देशन में राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 17,914 निरीक्षण किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य 11,160 का 160.50 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त 17,660 प्रवर्तन नमूने (लक्ष्य का 158.10 प्रतिशत) और 26,076 निगरानी नमूने (लक्ष्य का 155.80 प्रतिशत) एकत्र किए गए, जिससे पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा की निगरानी और अधिक सुदृढ़ हुई।
आयुक्तालय ने पहली बार कई महत्वपूर्ण नियामक कदम भी उठाए। इनमें 47 राज्यव्यापी Prohibition आदेश जारी करना, 37 खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO,s) के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू करना, एक लाइसेंस रद्द करना तथा असुरक्षित खाद्य उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने (Food Recall) की कार्रवाई शामिल है। प्रवर्तन क्षमता बढ़ाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के माध्यम से पहली बार नियमित रूप से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (Food Safety Officers) की भर्ती शुरू की गई। स्वीकृत 398 पदों में से 298 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई तथा 226 नव-नियुक्त अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया। कानूनी अधिसूचना प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में कार्यरत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संख्या बढ़कर 318 होने की उम्मीद है।
नियामक स्तर पर आयुक्तालय द्वारा 14,679 खाद्य लाइसेंस और 2,53,667 खाद्य पंजीकरण जारी किए, जिससे वर्ष के दौरान 2.68 लाख से अधिक खाद्य व्यवसाय संचालक नियामक दायरे में आए। कानूनी कार्रवाई में भी उल्लेखनीय तेजी आई। आयुक्तालय द्वारा 3,426 अभियोजन मामले विभिन्न न्यायालयों में दर्ज करवाए गए। वर्ष के दौरान निपटाए गए 2,713 मामलों में अदालतों ने 42 मामलों में दोषसिद्धि, 9 मामलों में कारावास तथा ₹9.72 करोड़ के जुर्माने लगाए। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्णायक अधिकारियों और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों के आदेशों के विरुद्ध अपीलों की समीक्षा एवं निस्तारण के लिए एक संस्थागत व्यवस्था भी शुरू की।
क्षमता निर्माण के क्षेत्र में राजस्थान ने 17-18 मार्च 2026 को राज्यव्यापी फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 47,878 हितधारकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा देश के सबसे बड़े FoSTaC कार्यक्रमों में से एक के रूप में मान्यता मिली। राज्य ने ईट राइट स्कूल (Eat Right School) अभियान में भी लक्ष्य से कहीं अधिक उपलब्धि हासिल की। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित 100 स्कूलों के लक्ष्य के मुकाबले राजस्थान ने 435 स्कूलों को प्रमाणित किया, जो लक्ष्य का 435 प्रतिशत है। इसके अलावा 3,477 स्कूलों ने प्रमाणन के लिए पंजीकरण कराया तथा लगभग 4,107 सरकारी स्कूलों को इस पहल के तहत शामिल किया गया। इससे 7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा, पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक किया गया।
आयुक्तालय द्वारा वार्षिक खाद्य नमूना संग्रह लक्ष्य का 157.80 प्रतिशत हासिल किया तथा निरीक्षणों और कानूनी सुधारों के माध्यम से 2.68 लाख से अधिक खाद्य व्यवसाय संचालकों को नियामक निगरानी के दायरे में लाया। वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भी यह अभियान जारी रहा। इस अवधि में विभाग ने 1,08,809 से अधिक किलोग्राम/लीटर संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए तथा 35,196 किलोग्राम/लीटर असुरक्षित खाद्य पदार्थ नष्ट किए। इस दौरान 2,958 निरीक्षण, 3,709 प्रवर्तन नमूने और 384 निगरानी नमूने लिए गए। साथ ही 1,502 खाद्य लाइसेंस और 68,630 खाद्य पंजीकरण जारी किए गए। अप्रैल-जून तिमाही में विभाग ने 767 अभियोजन मामले दर्ज किए, 617 मामलों का निपटारा किया तथा ₹2.86 करोड़ के जुर्माने लगाए।
खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में 8.80 लाख किलोग्राम/लीटर से अधिक संदिग्ध मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए






