बीकानेर, 30 अक्टूबर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बीकानेर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती बरकरार रखी है। सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर निशांत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवधि आगामी दो माह के लिए बढ़ा दी है। नए आदेशों के तहत रात के समय आवाजाही, पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग और सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले बाहरी श्रमिकों के सत्यापन सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
रात 7 से सुबह 6 बजे तक आवाजाही पर प्रतिबंध
प्रशासन के आदेशानुसार भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे दो किलोमीटर क्षेत्र में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना वैध अनुमति के आवागमन, विचरण और अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध खाजूवाला और बज्जू तहसील के बल्लर, गुलामअलीवाला, सियासर चौगान, बेरियांवाली, करमवाला, गज्जेवाला, रणजीतपुरा, सांचू, अन्नेवाला, कबरेवाला, भूरासर और मगनवाला सहित चिह्नित सीमावर्ती गांवों में लागू रहेगा। आवश्यक कार्यों के लिए संबंधित बीएसएफ या सीमा चौकी (बीओपी) से वैध अनुमति लेनी होगी।
पाकिस्तानी सिम के इस्तेमाल पर पाबंदी
सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर प्रतिबंध जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के ऐसे किसी भी क्षेत्र में, जहां पाकिस्तानी नेटवर्क के माध्यम से संपर्क स्थापित किया जा सकता है, किसी व्यक्ति या संस्था को पाकिस्तानी लोकल सिम इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी।
अंतरराष्ट्रीय कॉल पर भी रहेगी निगरानी
बज्जू, पूगल, रणजीतपुरा, खाजूवाला और छतरगढ़ क्षेत्रों में पाकिस्तान के टेलीफोन कोड 0092 से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कॉल का रिकॉर्ड भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा संधारित किया जाएगा। इन कॉलों की जांच के लिए निर्धारित अधिकारियों को आवश्यक सूचनाएं प्राप्त करने हेतु अधिकृत किया गया है।
नई सिम जारी करने से पहले पहचान का सत्यापन अनिवार्य
सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल कंपनियों और अधिकृत सिम विक्रेताओं को नई सिम जारी करने से पहले उपभोक्ता की पहचान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा। आवेदन पत्र, फोटो और पहचान प्रमाणों की हस्ताक्षरयुक्त प्रतियां लेकर मूल दस्तावेजों से उनका मिलान करना अनिवार्य होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही सिम सक्रिय की जा सकेगी। विक्रेताओं को सिम जारी करने का रिकॉर्ड भी रखना होगा। किसी आवेदक के संदिग्ध होने या दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर संबंधित पुलिस थाने को सूचना देनी होगी।
बाहरी श्रमिकों का पुलिस सत्यापन जरूरी
सीमा के नजदीक कृषि भूमि, जिप्सम खनन और अन्य कार्यों में लगे बाहरी श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। संबंधित व्यक्तियों को अपने मूल निवास प्रमाण पत्र, पुलिस चरित्र सत्यापन और पहचान पत्रों की प्रतियां नजदीकी बीएसएफ चौकी तथा संबंधित पुलिस थाने में जमा करवानी होंगी। काम के दौरान श्रमिकों के पास पहचान पत्र होना भी आवश्यक रहेगा।
व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन को भी जिम्मेदारी
आदेश में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी व्यक्ति को बिना जानकारी के व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल नहीं करने की हिदायत दी गई है। सामरिक महत्व की सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित मामलों में ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों और वहां आने-जाने वाले व्यक्तियों से सुरक्षा संबंधी निर्देशों की पालना करने की अपील की है।








