बीकानेर। नगर निगम चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के बाद कांग्रेस के भीतर अब मेयर की कुर्सी को लेकर सियासी शतरंज तेज हो गई है। जीत के बाद शुरू हुई पार्षदों की बाड़ेबंदी अब खुद कांग्रेस के लिए चिंता का कारण बनती नजर आ रही है। सबसे बड़ा सियासी मोड़ तब आया, जब नवनिर्वाचित पार्षद नवरत्न डागा ने बाड़ेबंदी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए वरिष्ठ नेताओं से सवाल खड़े कर दिए। बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचे पांच पार्षदों को लेकर उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से जवाब मांगे। उनकी नाराजगी की चर्चा अब कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचने की बात सामने आ रही है।
बहुमत के बावजूद कांग्रेस में बेचैनी क्यों?
कांग्रेस ने नगर निगम की 80 सीटों में से 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है, लेकिन इसके बावजूद मेयर पद को लेकर पार्टी के अंदर खींचतान जारी है। यही वजह है कि पार्टी ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी का सहारा लिया। नवरत्न डागा की नाराजगी के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और बाड़ेबंदी से बाहर बताए जा रहे बाकी कांग्रेस पार्षद भी अब इसमें शामिल हो गए।
42 कांग्रेस + 6 निर्दलीय, सभी रवाना
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के नेतृत्व में कांग्रेस के 42 पार्षदों के साथ 6 निर्दलीय पार्षदों को भी बाड़ेबंदी में रखा गया है। सभी पार्षदों को बीकानेर से पहाड़ी क्षेत्र की ओर रवाना किए जाने की जानकारी सामने आई है।।वहीं दूसरी तरफ भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षदों को भी जोधपुर से अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की चर्चा है।







