मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। बाजार खुलते ही निवेशकों के बीच बेचैनी देखने को मिली और बीएसई सेंसेक्स कुछ ही मिनटों में 826 अंक तक टूट गया। वहीं, एनएसई निफ्टी में भी 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इस गिरावट के बीच आईटी सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव
पिछले कारोबारी सत्र में 73,598 अंक पर बंद हुआ सेंसेक्स बुधवार को गिरावट के साथ 73,253 अंक पर खुला। इसके बाद बिकवाली बढ़ने से यह फिसलकर 72,872 अंक तक पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी भी पिछले बंद स्तर 22,749 की तुलना में गिरावट के साथ 22,678 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह गिरकर 22,540 अंक के स्तर पर आ गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
बाजार में गिरावट के दौरान आईटी कंपनियों के शेयरों में खासा दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में इन्फोसिस के शेयर करीब 4.50 प्रतिशत, टेक महिंद्रा के 3.50 प्रतिशत, टीसीएस के 3 प्रतिशत और एचसीएल टेक के शेयर लगभग 2.50 प्रतिशत तक गिर गए। इसके अलावा आईटीसी, बजाज फिनसर्व और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को भी माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड के दाम 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर देश की अर्थव्यवस्था, कंपनियों की लागत और निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। इसके साथ ही आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।
निवेशकों की नजर बाजार की चाल पर
शेयर बाजार में अचानक आई इस गिरावट के बीच निवेशक आगे की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान जल्दबाजी में निवेश संबंधी फैसले लेने से बचना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले कंपनियों के प्रदर्शन, बाजार की परिस्थितियों और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।









