बीकानेर। नगर निगम महापौर चुनाव से जुड़ी सियासत में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। कांग्रेस के पार्षद नवरतन डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर दाखिल अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी के साथ ही महापौर चुनाव का मुकाबला अब कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच रह गया है। नवरतन डागा कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के साथ नगर निगम पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन वापस लिया। पर्चा वापस लेने के बाद डागा ने कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वे “आजीवन कांग्रेस के साथ रहेंगे।” दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर डागा की ओर से दाखिल नामांकन जांच के दौरान खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में रहने का निर्णय लिया था। ऐसे में उनके नामांकन वापसी को महापौर चुनाव की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
डोटासरा से मुलाकात के बाद बदला घटनाक्रम
नामांकन वापस लेने से पहले नवरतन डागा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद से ही उनके नामांकन वापस लेने की अटकलें लगाई जा रही थीं। शुक्रवार को पर्चा वापस लेने के साथ इन चर्चाओं पर विराम लग गया। कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि पार्टी को भरोसा था कि डागा अपना नामांकन वापस ले लेंगे। वहीं देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने भी दावा किया कि उन्होंने पहले ही डागा के नामांकन वापस लेने की बात कही थी।
21 सितंबर को होगा मतदान
बीकानेर नगर निगम के महापौर पद के लिए 21 सितंबर को मतदान प्रस्तावित है। कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला और भाजपा की ओर से डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत चुनाव मैदान में हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मुकाबले की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणामों में कांग्रेस के 42 और भाजपा के 27 पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके अलावा निर्दलीय और आरएलपी के पार्षद भी सदन में मौजूद हैं। ऐसे में महापौर चुनाव को लेकर पार्षदों के समर्थन और राजनीतिक समीकरणों पर भी नजर बनी हुई है।







