बीकानेर।* पुरानी रंजिश के चलते युवक की अपहरण कर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने आज कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने 6 आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक शिवशंकर स्वामी ने की। फैसले के वक्त मुख्य आरोपी सुखाराम और प्रहलाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद थे, जबकि श्रवणचंद, मुकेश, पुष्पा देवी और मंजू देवी जमानत पर बाहर चल रहे थे। कोर्ट ने चारों की जमानत निरस्त कर हिरासत में लेने के आदेश दिए हैं।
*यह था पूरा मामला -*
घटना 19 जून 2021 की रात की है। गीगासर गांव में रामदेवजी मंदिर के पास से गुजर रहे राकेश को आरोपियों ने जबरन रोक लिया। आरोप है कि उसका अपहरण कर सुखाराम के घर ले जाया गया, वहां रस्सियों से बांधकर लाठियों-सरियों से बेरहमी से पीटा गया।
मारपीट की भनक लगते ही राकेश का भाई और परिजन मौके पर पहुंचे और उसे छुड़ाकर गंभीर हालत में देशनोक अस्पताल ले गए। वहां से बीकानेर ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर 20 जून 2021 को देशनोक थाने में मामला दर्ज हुआ था।
कोर्ट ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के नक्शे और आरोपियों से बरामद लाठियां व रस्सी जैसे ठोस सबूतों के आधार पर अभियोजन पक्ष के दावों को विश्वसनीय माना। अदालत ने दोषियों को उम्रकैद के साथ ही विभिन्न धाराओं में 10-10 हजार जुर्माना और 7, 2 और 1 साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।









