
कृषि पर्यवेक्षक भर्ती का परिणाम जारी, 1100 पदों के लिए 1 जुलाई से शुरू होगी डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन प्रोसेस

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2026 का प्रोविजनल मेरिट लिस्ट के साथ परिणाम जारी कर दिया है. बोर्ड की ओर से कृषि पर्यवेक्षक के कुल 1100 पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है. इनमें गैर-अनुसूचित क्षेत्र के 944 और अनुसूचित क्षेत्र के 156 पद शामिल हैं.
कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 18 अप्रैल को आयोजित हुए कृषि पर्यवेक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों और आवेदन पत्र में दर्ज सूचनाओं के आधार पर अभ्यर्थियों की प्रोविजनल मेरिट सूची तैयार की गई है. बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने बताया कि विज्ञापित पदों के लगभग दोगुने अभ्यर्थी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए हैं. बोर्ड ने टीएसपी और नॉन टीएसपी क्षेत्र के लिए अभ्यर्थियों को अलग-अलग शॉर्टलिस्ट किया है.
*इसके लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन डिटेल आवेदन और स्क्रूटनी फॉर्म भरना होगा:*
स्क्रूटनी फॉर्म भरने की प्रक्रिया 1 जुलाई से 15 जुलाई तक बोर्ड के पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी. बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक स्टैंडर्ड फॉर्मेट निर्धारित कर दिए गए हैं. अभ्यर्थी इन्हें बोर्ड की वेबसाइट के डाउनलोड सेक्शन से प्राप्त कर सकते हैं. बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अभ्यर्थी की ओर से आवेदन में गलत जानकारी दी जाती है या परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग की पुष्टि होती है तो उसे किसी भी समय जारी मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा.
*12 सेटों में तीन-तीन प्रश्न किए गए डिलीट:*
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने परीक्षा के सभी 12 सेटों में तीन-तीन प्रश्न हटाए हैं. प्रत्येक सेट में कुल 100 प्रश्न थे, जिनमें से 3 प्रश्न डिलीट किए जाने के बाद मूल्यांकन वैध प्रश्नों के आधार पर किया गया. डिलीट प्रश्नों का विवरण परिणाम के साथ जारी किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अभ्यर्थियों के अंकों का निर्धारण नॉर्मलाइजेशन/की-फैक्टर आधारित फार्मूले से किया गया. डिलीट किए गए प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सेट के लिए वैध प्रश्नों की संख्या के आधार पर अंक निर्धारित किए गए हैं.
*2558 अभ्यर्थी अयोग्य घोषित:*
परीक्षा में शामिल हुए कुल अभ्यर्थियों में से 2558 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया गया है. जिन अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में 10 प्रतिशत से ज्यादा प्रश्नों के लिए किसी भी विकल्प का चयन नहीं किया, बोर्ड के नियमों के अनुसार ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा से अयोग्य माना गया. वहीं, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2026 का ये परिणाम उच्च न्यायालय में विचाराधीन याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा. साथ ही किसी भी प्रकार की गलती या विसंगति मिलने पर परिणाम में संशोधन का अधिकार बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा.









