बीकानेर। शहर में ई-चालान प्रणाली को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। लोड बॉडी वाहन चालक कालू सिंह ने आरोप लगाया है कि दीनदयाल सर्किल के पास उनके वाहन आरजे 07 जीसी 6912 का ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने के आधार पर 5 हजार रुपये का ई-चालान कर दिया गया, जबकि वाहन को मौके पर न तो रोका गया और न ही उनसे ड्राइविंग लाइसेंस मांगा गया। चालक का कहना है कि वह उस समय वाहन में सामान लेकर जा रहा था, लेकिन बिना किसी जांच या सत्यापन के ई-चालान जारी कर दिया गया। इस घटना के बाद ई-चालान प्रक्रिया की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह राठौड़ ने कहा कि कानून का पालन करना हर नागरिक का दायित्व है, लेकिन कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई भी पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत होनी चाहिए। यदि किसी वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो उसके स्पष्ट और सत्यापन योग्य आधार वाहन मालिक को उपलब्ध कराए जाने चाहिए। जिला महासचिव प्रो. सलवीर समेजा ने कहा कि यदि चालक का दावा सही है कि वाहन को रोके बिना कार्रवाई की गई, तो संबंधित विभाग को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ई-चालान प्रणाली तकनीक आधारित है, तो परिवहन विभाग यह भी स्पष्ट करे कि किन उल्लंघनों पर केवल कैमरों या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर चालान किया जा सकता है और किन मामलों में वाहन रोककर जांच आवश्यक होती है। पार्टी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जाए, ताकि ई-चालान व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे और यदि कहीं तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटि हुई है तो उसका समय रहते समाधान किया जा सके।








