बीकानेर/रतनगढ़। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चुरू जिले के रतनगढ़ रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब ₹18.09 करोड़ की लागत से किए जा रहे इस परियोजना के प्रथम चरण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। स्टेशन को हेरिटेज लुक के साथ आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय पर्यटन, धार्मिक यात्रा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, रतनगढ़ स्टेशन पर स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण, अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, नई बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग, बुकिंग कार्यालय, रिटायरिंग रूम और नए शौचालय ब्लॉक का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एलईडी लाइटिंग, स्थानीय कला पर आधारित आर्टवर्क, दिव्यांग अनुकूल साइनेज, सोलर प्लांट, कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन एवं सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़ी एलईडी स्क्रीन और जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ियां भी लगाई जाएंगी।
इसके अलावा 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी तेज़ी से जारी है, जिस पर लगभग ₹8.74 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इसका करीब 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
रतनगढ़ स्टेशन का पुनर्विकास ताल छापर ब्लैकबक अभयारण्य आने वाले पर्यटकों और सालासर बालाजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगा। साथ ही, शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों, पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा मिलेगा। रेलवे का मानना है कि इस परियोजना से पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई मजबूती मिलेगी।








