अनिल रावत, बीकानेर। नगर निगम चुनाव के लिए बुधवार को मतदान होना है। ऐसे में आज की रात प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। प्रचार का शोर थम चुका है, लेकिन अब चुनावी रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण दौर शुरू हो गया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर देर रात तक कार्यकर्ताओं और समर्थकों की आवाजाही बनी हुई है।
कहीं मतदाताओं की सूची खंगाली जा रही है तो कहीं बूथवार जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। प्रत्याशी और उनके करीबी समर्थक एक-एक वोट का हिसाब लगाने में जुटे हैं। कौन सा मतदाता संपर्क में आया, किससे अभी बात करनी है और मतदान के दिन किस क्षेत्र से कितने मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाना है—इन तमाम मुद्दों पर बैठकों का दौर जारी है।
प्रचार खत्म, अब ‘वोट मैनेजमेंट’ की बारी
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में मुकाबला कई जगह बेहद रोचक है। बड़ी संख्या में निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों के मैदान में होने से कई वार्डों में वोटों के बंटवारे का गणित भी प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा रहा है। आज की रात प्रत्याशियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब सार्वजनिक प्रचार की बजाय व्यक्तिगत संपर्क, समर्थकों को सक्रिय करने और बूथ मैनेजमेंट पर पूरा फोकस है। चुनावी कार्यालयों में छोटे-छोटे समूह बनाकर वार्ड की स्थिति पर चर्चा की जा रही है।
हर वोट पर नजर, हर बूथ पर तैयारी
शहर में भाजपा, कांग्रेस सहित विभिन्न दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। मतदान दल भी रवाना हो चुके हैं और 9 सितंबर को मतदान होना है। ऐसे में बीकानेर की चुनावी रात में माहौल पूरी तरह गर्म है। दिनभर जनता के बीच नजर आए प्रत्याशी अब रात में अपने चुनाव कार्यालयों में बैठकर आखिरी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रत्याशियों की आज रात की रणनीति और बूथ स्तर की मेहनत 9 सितंबर को ईवीएम में कितनी बदलती है।








