
राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड में बड़ा एक्शन, 8 आरोपी भेजे गए जेल, 79 लाख बरामद चंपत राय और अनिल मिश्रा बचे, इस्तीफे से भी विहिप ने किया इंकार

*नई दिल्ली:* अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान-चढ़ावे में हुई भारी गड़बड़ी और चोरी के सनसनीखेज मामले में पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई पहली एफआईआर (FIR) के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से दानपात्र से चोरी किए गए 79.85 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी भी बरामद कर ली है। इस बीच, शुक्रवार को दिनभर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की खबरें सुर्खियों में रहीं, जिस पर देर शाम विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे सिरे से खारिज कर दिया और इसे महज एक अफवाह करार दिया।
*एसआईटी की रिपोर्ट के बाद एक्शन 8 आरोपी गिरफ्तार, 79.85 लाख रुपये की बड़ी रिकवरी:*
अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. गौरव ग्रोवर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह मामला सबसे पहले 6 जून को सामने आया था। इसके बाद ट्रस्ट की मांग पर शासन द्वारा 13 जून को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने 23 जून को गृह विभाग को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की सख्त सिफारिश की गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर राम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने रातभर चली पूछताछ के बाद चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी के पास से चोरी किए गए कुल 79.85 लाख रुपये बरामद हुए हैं। शुक्रवार दोपहर बाद सभी 8 आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद सीजेएम (CJM) कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 29 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
*चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर सस्पेंस विहिप ने बताया बेबुनियाद:*
चढ़ावा चोरी कांड के बाद से ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से टिन्नू यादव को चंपत राय का बेहद करीबी माना जाता है, जबकि अनुकल्प और लवकुश, डॉ. अनिल मिश्रा के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में यह खबर तेजी से फैली कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, देर शाम लखनऊ में विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के प्रवक्ता अंबरीष सिंह ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा, “ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्र ने अपने पदों से कोई त्यागपत्र नहीं दिया है। मीडिया और सोशल मीडिया में चल रही इस्तीफे की ये खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद, असत्य और केवल एक अफवाह हैं।”
*जांच होने तक कुछ नहीं बोलूंगा, मीडिया में चलाना महापाप— नृपेंद्र मिश्र:*
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने इस पूरे घटनाक्रम और इस्तीफे की चर्चाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “जब तक एसआईटी की अंतिम जांच चल रही है, तब तक मैं इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दूंगा। अभी एसआईटी ने केवल अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट ही सौंपी है, पूरी विवेचना जारी है। अगर मीडिया में कोई उनके हवाले से इस्तीफे की पुष्टि की बात चला रहा है, तो वह महापाप कर रहा है।” गौरतलब है कि इस मामले में मंदिर प्रबंधन के अहम फैसलों में दखल रखने वाले निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका पर भी सवाल कायम हैं, हालांकि उनके खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गोपाल राव ने भी मीडिया से कहा कि अभी तक कोई इस्तीफा नहीं हुआ है, बाकी भगवान जाने।












