बीकानेर। नगर निगम चुनाव का प्रचार अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया है। सोमवार शाम 5 बजे चुनावी प्रचार का शोर थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी सार्वजनिक रैलियां, सभाएं और लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार नहीं कर सकेंगे। हालांकि घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने की छूट रहेगी। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशी अपनी ताकत दिखाने के लिए रैलियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों पर जोर दे रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस ने मतदान की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। दोनों दल 80 वार्डों में बूथ स्तर पर अपने प्रतिनिधियों की तैनाती सुनिश्चित करने में जुटे हैं।
बागियों ने बढ़ाई राजनीतिक दलों की चिंता
टिकट वितरण के बाद कई वार्डों में सामने आए असंतोष और बागी प्रत्याशियों ने प्रमुख दलों की रणनीति को प्रभावित किया है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के सामने मैदान में उतरे अपने ही कार्यकर्ताओं के कारण कुछ जगह बूथ मैनेजमेंट को लेकर भी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में मतदान के दिन बूथों पर मजबूत टीम खड़ी करना दलों के लिए अहम होगा।
मंगलवार को घर-घर संपर्क, बुधवार को मतदान
सोमवार शाम प्रचार समाप्त होने के बाद मंगलवार को प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इसके बाद बुधवार, 9 सितंबर को मतदान होगा। मतदान को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं।
मतदान के लिए चिन्हित सरकारी और निजी स्कूलों में 9 सितंबर को अवकाश रहेगा। मतदान केंद्रों के रूप में उपयोग होने वाले स्कूलों को प्रशासन ने 7 सितंबर से अधिगृहित कर लिया है। मतदान दलों के 8 सितंबर शाम तक संबंधित केंद्रों पर पहुंचने की व्यवस्था की गई है। वहीं 8 सितंबर को स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित होंगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्थानीय स्तर पर स्पष्ट की जाएगी।
देर रात तक सक्रिय चुनाव कार्यालय
बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे चुनाव मैदान में हैं। इसके चलते प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों में देर रात तक रणनीति बनती दिखाई दे रही है। कई कार्यालयों में रात करीब 2 बजे तक कार्यकर्ताओं की आवाजाही बनी रहती है और सुबह 8-9 बजे से फिर बैठकों और जनसंपर्क की तैयारियां शुरू हो जाती हैं।
अब प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए बेहद सीमित समय बचा है। सोमवार शाम के बाद चुनावी शोर भले ही थम जाएगा, लेकिन मंगलवार को घर-घर होने वाला जनसंपर्क और बुधवार का मतदान यह तय करेगा कि बीकानेर की 80 वार्डों की सियासी तस्वीर किसके पक्ष में जाती है।








