बीकानेर। स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सोमवार को बीकानेर में निजी स्कूल संचालकों ने विशाल रैली निकालकर शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष कोडाराम भादू के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में प्रदेशभर से करीब 5 हजार स्कूल संचालक शामिल हुए।
कर्मचारी मैदान से शुरू हुई रैली कलेक्ट्रेट, जूनागढ़, नगर निगम, तीर्थ स्तंभ चौधरी भीमसेन सर्किल होते हुए शिक्षा निदेशालय पहुंची। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और निदेशालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
निदेशालय के सामने आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार निजी स्कूलों पर अनावश्यक और अव्यावहारिक नियम थोप रही है, जबकि निजी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के सहयोगी हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं।
प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष कोडाराम भादू के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त शिक्षा निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा से वार्ता की। इस दौरान संगठन की 16 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई और कई मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी। वार्ता में राज शिक्षा संबल मोबाइल ऐप के आदेश को वापस लेने की मांग प्रमुख रही। अतिरिक्त शिक्षा निदेशक ने आश्वासन दिया कि इस विषय को शासन स्तर पर रखा जाएगा तथा अंतिम निर्णय होने तक इसके क्रियान्वयन में नरमी बरती जाएगी। इसके अलावा आरटीई के लंबित भुगतान जल्द जारी करने, भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर करने, दोहरे नामांकन की समस्या के समाधान, मान्यता नियमों के सरलीकरण, पीएसपी पोर्टल पर सुविधाएं बढ़ाने, ऑनलाइन अंकतालिकाओं पर संस्था प्रधान के हस्ताक्षर की अनुमति, आरटीई विद्यार्थियों की यूनिट कॉस्ट बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजने तथा शिक्षा विभाग की प्रतियोगिताओं में निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों को शामिल करने जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक आश्वासन दिया गया।
सभा को राजेश रंगा, सुरेंद्र डागा, शिवकरण कड़वासरा, कपिल गोदारा, ओमप्रकाश ढाल, नरसीराम जाखड़, विक्रम चौधरी, मनोज गुसाईं सहित अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया। संगठन ने प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए बीकानेर शहर के निजी विद्यालयों का आभार भी व्यक्त किया।








