बीकानेर। नगर निकाय चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद अब कांग्रेस के सामने अगली बड़ी चुनौती मेयर का नाम तय करने की है। जीत के बाद पार्टी के भीतर मेयर पद को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं और अलग-अलग दावेदारों के नाम पर पार्षदों के बीच चर्चा का दौर जारी है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के 42 विजयी पार्षदों में से 33 फिलहाल बाड़ेबंदी में मौजूद हैं, जबकि बाकी 9 पार्षदों की मौजूदगी को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं। बाड़ेबंदी में मौजूद पार्षदों के बीच मेयर पद को लेकर रायशुमारी और अंदरखाने रणनीति बनाने का सिलसिला चल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले कांग्रेस ने पार्षदों की एकजुटता का फोटो के जरिए संदेश दिया था, लेकिन अब मेयर पद के लिए अलग-अलग नामों को लेकर समर्थन जुटाने की कवायद ने सियासी चर्चाओं को और गर्म कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस में दो प्रमुख चेहरों को लेकर खेमेबंदी के संकेत मिल रहे हैं। अलग-अलग गुट अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में पार्षदों का समर्थन जुटाने की कोशिश में हैं। हालांकि पार्टी के भीतर किसी एक नाम पर सहमति बनना अभी बाकी है। अब नजरें कांग्रेस नेतृत्व पर हैं कि वह सभी गुटों और सियासी समीकरणों को साधते हुए किस चेहरे पर भरोसा जताता है। बताया जा रहा है कि मेयर प्रत्याशी के नाम पर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की सहमति के बाद ही होगा।
सबसे बड़ा सवाल यही—मेयर की कुर्सी किसके हिस्से आएगी?
क्या पार्टी किसी एक बड़े चेहरे पर दांव खेलेगी या फिर ऐसा नाम सामने आएगा जो सभी खेमों को साथ लेकर चल सके? फिलहाल बीकानेर कांग्रेस की सियासत में मेयर पद को लेकर हर नजर इसी फैसले पर टिकी है।







