बीकानेर। पुष्पलक्ष्मी क्लिनिक द्वारा आयोजित ‘लहरिया क्वीन 2026 – सीजन4 ‘ प्रतियोगिता का समापन गंगाशहर स्थित हंसा गेस्ट हाउस में हुआ। हमारी संस्कृति, हमारा स्वाभिमान अभियान के तहत आयोजित लहरिया क्वीन 2026 में तीन आयु वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता का खिताब जीतने के लिए 5 से 60 साल तक की प्रतिभागियों ने दमखम दिखाया। सबने राजस्थानी व भारतीय सभ्यता संस्कृति के अनुरूप लहरिया परिधान पहनकर कैटवॉक की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर के समाजसेवी श्री नंदकिशोर गहलोत थे। वहीं अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के अध्यक्ष श्री विनोद बाफना, राजकीय डूंगर महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ सुनीता गोयल, समाजसेवी श्री अशोक कच्छावा व कासिम जी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
जी.के. के जादूगर श्री हेमंत सर ने बताया कि इस बार लहरिया क्वीन के साथ ही डांस ,सिंगिंग व मेहंदी की प्रतियोगिता भी आयोजित कराई गई और साथ ही गॉर्जियस पर्सनेलिटी, बेस्ट वॉक, बेस्ट ड्रेस व बेस्ट परफार्मर की श्रेणी भी रखी गई। कार्यक्रम की सम्पूर्ण व्यवस्था का कार्यभार वी आर फाउंडेशन की डायरेक्टर श्रीमती अर्चना सक्सेना गोयल ने संभाला।कार्यक्रम में मिस मूमल कुसुम, वरिष्ठ सहायक व कवियत्री अंजलि बारूपाल, गायत्री जी व मुस्कान खत्री ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
डॉ. पुष्पा शर्मा ने बताया कि पुष्पलक्ष्मी क्लिनिक द्वारा 2023 में लहरिया क्वीन प्रतियोगिता की शुरुआत हमारी संस्कृति के प्रचार प्रसार करने की उद्देश्य के साथ की गई थी जो आज भी जारी है। जूनियर वर्ग में अर्चना सोलंकी, सब जूनियर में नंदिनी गहलोत व सीनियर वर्ग में अनुराधा सुथार लहरिया क्वीन 2026 बनीं। वहीं अलग अलग आयु वर्गों में चामिक्षा तंवर, रेनू जनागल व गायत्री सोनी प्रथम रनर अप (द्वितीय स्थान) पर रहीं। सैकंड रनर अप (तृतीय स्थान) का खिताब प्रियांशी, आराधना सांखला व गुनगुन सैनी ने हासिल किया। वहीं गायन प्रतियोगिता में फरीन सागर प्रथम, खुशी द्वितीय व चित्रा स्वामी तृतीय रहीं। मेहंदी प्रतियोगिता में शांति व वर्षा प्रथम,शानू सुथार व खुशबू द्वितीय व ईशा मेघवाल व शानिया तृतीय रहीं। डांस में मिथिलेश कंवर, गॉर्जियस पर्सनेलिटी ललिता भांभू व बेस्ट परफार्मर जयश्री जनागल रही। सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किये गए। इस दौरान लहरिया सहित राजस्थानी लोक गीतों पर नृत्य भी प्रस्तुत हुआ। कुशल मंच संचालन नंदिनी पारीक ने किया।
कार्यक्रम के अंत में एम पी एस पी एस व लक्ष्मी देवी देखभाल फाउंडेशन की चैयरमेन अनुसुईया शर्मा ने सभी उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। एडवोकेट आर के शर्मा ने कहा कि महिलाओं द्वारा संस्कृति को आगे बढ़ाया जाना एक सुखद अनुभव है और आगे भी ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे। कामना पड़ीहार, अंकित पारीक,वीरेंद्र, सूरज आदि ने कार्यकर्ता के रूप में सहयोग दिया। अनिल अलंकार ग्रुप ने कार्यक्रम को अपने कैमरे में कैद किया।









