बीकानेर। शहर में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) नई डीपीआर तैयार करेगा। इसके तहत ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, जहां निर्धारित मानकों के अनुसार पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं शहर की पेरी-अर्बन परिधि के क्षेत्रों को भी मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी की पेयजल योजना में शामिल किया जाएगा।
यह निर्णय बुधवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नगर वृत्त कार्यालय में अधीक्षण अभियंता जे.के. चारण की अध्यक्षता में हुई मासिक समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में पेयजल योजनाओं की प्रगति, राजस्व वसूली, जल संरक्षण, आगामी ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था और जन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई।
नई डीपीआर में इन बिंदुओं पर होगा फोकस
बीकानेर शहर में पेयजल सेवा स्तर सुधारने के लिए अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों का तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए गए, जहां जलापूर्ति निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति अवधि, मात्रा, दबाव और कवरेज सहित तकनीकी जानकारी जुटाकर कंसल्टेंट को उपलब्ध कराई जाएगी।
पेरी-अर्बन क्षेत्रों को भी मिलेगा पेयजल कनेक्शन
मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी के तहत तैयार होने वाली डीपीआर में बीकानेर शहर की पेरी-अर्बन परिधि को भी शामिल किया जाएगा। बीडीए की अधिसूचना में शामिल गांवों का सर्वे कर घरेलू पेयजल कनेक्शन और बेहतर जलापूर्ति के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
₹5 हजार से ज्यादा बकाया पर नोटिस
बैठक में राजस्व वसूली को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में सरकारी, घरेलू और औद्योगिक श्रेणी के जिन उपभोक्ताओं पर ₹5 हजार से अधिक पानी का बिल बकाया है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। अधिक बकाया वाले क्षेत्रों में विशेष रेवेन्यू रिकवरी कैंप लगाकर वसूली की जाएगी।
गर्मी से पहले 7 दिन में बनेगा प्लान
आगामी गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए सभी उपखंडों को 7 दिन के भीतर सब-डिवीजनवार समर कंटिंजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पेयजल स्रोत, पंपिंग व्यवस्था, पाइपलाइन, वैकल्पिक जल स्रोत, टैंकर व्यवस्था और जरूरी मरम्मत का विवरण शामिल होगा।
300 जल पुनर्भरण संरचनाओं का लक्ष्य
बैठक में जल संचय जनभागीदारी अभियान 3.0 की भी समीक्षा हुई। बीकानेर शहर में निर्धारित 300 जल पुनर्भरण संरचनाओं के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण कार्यों में आमजन की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
संपर्क की शिकायतें 7 दिन में होंगी दूर
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त पेयजल संबंधी शिकायतों का विभागीय स्तर पर अधिकतम 7 दिन में निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया।
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