जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अब मुकाबले को प्रत्याशियों और वार्डों से आगे बढ़ाते हुए भाजपा सरकार के कामकाज बनाम कांग्रेस के शहरी रोडमैप के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को पीसीसी वॉररूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर चुनाव में देरी, परिसीमन, आरक्षण, सफाई, भ्रष्टाचार और नामांकन प्रक्रिया को लेकर निशाना साधा। साथ ही बोर्ड बनने पर शहरी जनता से जुड़े कई मुद्दों पर बड़े वादे किए। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आई तो पिछली कांग्रेस सरकार की 500 रुपए में मकान का पट्टा देने की व्यवस्था फिर शुरू की जाएगी। इसके लिए अभियान चलाकर पट्टे बांटे जाएंगे और कच्ची बस्तियों के नियमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
सफाई व्यवस्था और भर्ती पर जोर
कांग्रेस ने हर निकाय में सफाईकर्मियों की भर्ती करने और लंबित भर्तियों को पूरा करने का वादा किया है। पार्टी के अनुसार जरूरत के मुताबिक हर साल सफाईकर्मियों की भर्ती की जाएगी। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण नि:शुल्क करने और इसकी रोजाना निगरानी की व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है।


सरकार पर चुनाव में देरी और आरक्षण को लेकर हमला
डोटासरा ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना की कार्रवाई के बाद सरकार को निकाय चुनाव कराने पड़े। उन्होंने परिसीमन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि कहीं 10 हजार तो कहीं 30 हजार तक की आबादी के वार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 10 नगर निगमों में किसी भी महापौर पद को एससी-एसटी के लिए आरक्षित नहीं किया गया।
जयपुर की बदहाल व्यवस्था को बनाया मुद्दा
डोटासरा ने जयपुर की सड़कों, गड्ढों, ट्रैफिक जाम, कचरे और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जयपुर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड रहा, लेकिन शहर की बुनियादी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। उन्होंने स्ट्रीट लाइट, एलईडी व्यवस्था और जयपुर मेट्रो की नई डीपीआर को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
टिकट वितरण में सामाजिक समीकरण साधने का दावा
डोटासरा ने कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर दावा किया कि पार्टी ने 40 वर्ष से कम उम्र के 49.33 प्रतिशत, ओबीसी के 48.15 प्रतिशत, एससी के 21.81 प्रतिशत, एसटी के 5.23 प्रतिशत और महिलाओं के 35.90 प्रतिशत उम्मीदवारों को मौका दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है।
कांग्रेस के प्रमुख चुनावी वादे
500 रुपए में मकान का पट्टा और कच्ची बस्तियों के नियमन की प्रक्रिया।
यूडी टैक्स की समीक्षा कर इसे जनहित में तर्कसंगत बनाने का वादा।
सफाईकर्मियों की भर्ती और लंबित भर्ती प्रक्रिया पूरी करना।
मुफ्त घर-घर कचरा संग्रहण और रोजाना निगरानी।
जरूरत वाले इलाकों में सीवरेज, ड्रेनेज और एसटीपी का निर्माण।
बिना मास्टर प्लान वाले शहरों में जनता के सुझाव से मास्टर प्लान तैयार करना।
स्ट्रीट लाइट और एलईडी व्यवस्था को मजबूत करना।
निकायों के विकास कार्यों और आमजन के आवेदनों की स्थिति की ऑनलाइन पारदर्शी व्यवस्था।
शहरों में जरूरत के मुताबिक बुनियादी शहरी ढांचे के बड़े कार्यों को प्राथमिकता।












