

बीकानेर, 14 अगस्त। सड़क सुरक्षा का संदेश देने के लिए अक्सर बड़े अभियानों की जरूरत होती है, लेकिन बीकानेर के कांस्टेबल चालक बस्तीराम बिश्नोई पिछले 9 वर्षों से खुद उदाहरण बनकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। सीआईडी (सीबी) रेंज सेल, बीकानेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर प्रसाद शर्मा के चालक बस्तीराम प्रतिदिन करीब 15 से 20 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं और इस दौरान हेलमेट पहनकर लोगों को सड़क सुरक्षा का संदेश देते हैं।
उनके अभियान का नाम है—“मेरी साइकिल, मेरा हेलमेट।”
एक हादसे ने बदल दी जिंदगी की सोच
बस्तीराम बताते हैं कि वर्ष 2018 में घर से कार्यालय जाते समय पीबीएम अस्पताल के पास उन्होंने एक दर्दनाक सड़क हादसा देखा। बिना हेलमेट बाइक चला रहा एक युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। उसे पीबीएम अस्पताल के बाद मेदांता अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चार दिन उपचार के बाद उसकी मौत हो गई।
अखबार में इस घटना की खबर पढ़ने के बाद बस्तीराम अंदर तक झकझोर गए। उन्होंने उसी दिन संकल्प लिया कि वे खुद हमेशा हेलमेट पहनेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। इसके बाद उन्होंने साइकिल चलाते समय भी हेलमेट पहनना शुरू कर दिया।
वे पिछले 9 वर्षों से प्रतिदिन करीब 15-20 किलोमीटर साइकिल चलाते हुए हेलमेट पहन रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल यातायात नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि अपने आचरण से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
उनका संदेश है—“हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए है।”
सम्मान से बढ़ा हौसला
बस्तीराम के सड़क सुरक्षा अभियान को विभिन्न स्तरों पर सम्मान भी मिला है। 30 दिसंबर 2025 को डीजीपी ट्रैफिक अनिल पालीवाल ने उन्हें 5 हजार रुपए नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इसके बाद केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, आईजीपी मानवाधिकार, आईजीपी रेंज बीकानेर ओमप्रकाश, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, डीआईजीपी देवेन्द्र बिश्नोई सहित विभिन्न संस्थाओं ने भी उनके अभियान की सराहना करते हुए सम्मानित किया।
24 मई 2026 को राजस्थान पुलिस के ‘संडे ऑन साइकिल’ के 27वें संस्करण में उन्होंने 3 आरएसी, बीकानेर के साथ सहभागिता की। वहीं 7 जून 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने ‘मेरी साइकिल, मेरा हेलमेट’ अभियान की साइकिल का 9वां जन्मदिन केक काटकर मनाया।
खुद उदाहरण बनकर दे रहे सड़क सुरक्षा का संदेश
बस्तीराम का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनका प्रयास है कि लोग हेलमेट को सिर्फ चालान से बचने का साधन न समझें, बल्कि इसे अपने और अपने परिवार के जीवन की सुरक्षा से जोड़ें।
बस्तीराम कहते हैं—“एक हादसे ने मुझे जिंदगी की कीमत समझाई और उसी घटना ने मुझे हेलमेट जागरूकता का संदेशवाहक बना दिया।” उनका ‘मेरी साइकिल, मेरा हेलमेट’ अभियान आज बीकानेर में सड़क सुरक्षा और नागरिक जागरूकता की एक प्रेरणादायी मिसाल बन गया है।








