अनिल रावत, बीकानेर। नगर निकाय चुनाव 2026 में इस बार बीकानेर के पार्षद प्रत्याशियों के सामने मुकाबला सिर्फ अपने प्रतिद्वंद्वी से नहीं, बल्कि रामदेवरा की आस्था से भी होता नजर आ रहा है। बीकानेर नगर निगम क्षेत्र में 11 सितंबर को मतदान होना है और इसी दिन अमावस्या भी है। अमावस्या के अवसर पर बाबा रामदेव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामदेवरा की ओर रवाना होते हैं लेकिन प्रत्याशियों की चिंता सिर्फ 11 सितंबर को लेकर नहीं है। रामदेवरा जाने वाले कई श्रद्धालु अमावस्या का इंतजार नहीं करते, बल्कि उससे कई दिन पहले ही पैदल यात्रा पर निकल पड़ते हैं। ऐसे में चुनाव से पहले ही बड़ी संख्या में मतदाताओं के शहर से बाहर जाने की संभावना चुनावी रणनीतिकारों और प्रत्याशियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। एक तरफ प्रत्याशी घर-घर दस्तक देकर वोट मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई परिवारों में रामदेवरा यात्रा की तैयारियां चल रही हैं। किसी ने पैदल यात्रा की तारीख तय कर ली है तो कोई अमावस्या से पहले ही बाबा के दरबार में धोक लगाने की तैयारी में है।
पहले ही निकल गए तो कैसे पहुंचेगा वोट डालने?
चुनावी मुकाबले में एक-एक वोट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि मतदाता मतदान से दो-तीन दिन पहले ही पैदल यात्रा के लिए रवाना हो जाते हैं, तो प्रत्याशियों के लिए उन्हें मतदान वाले दिन वापस लाना आसान नहीं होगा। खासकर उन वार्डों में यह स्थिति ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है जहां मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। प्रत्याशी की चिंता अब सिर्फ वोट मांगने की नहीं, बल्कि वोटर के शहर में मौजूद रहने की भी है।
पार्टियों के चुनावी गणित पर भी असर?
राजनीतिक दलों ने बूथ स्तर तक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यकर्ताओं को मतदाताओं से लगातार संपर्क रखने की जिम्मेदारी दी जा रही है। लेकिन रामदेवरा की पैदल यात्राओं का असर अगर मतदान से पहले ही दिखाई देने लगा तो पार्टियों के बूथ मैनेजमेंट का गणित भी प्रभावित हो सकता है। क्योंकि चुनाव में यह मायने रखता है कि कौन किसके साथ है, लेकिन उससे भी ज्यादा मायने रखता है कि मतदान के दिन कौन बूथ तक पहुंचा। रामदेवरा की यात्रा बीकानेर की धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ी है। दूसरी ओर मतदान लोकतांत्रिक अधिकार है। इसलिए सवाल आस्था और लोकतंत्र में से किसी एक को चुनने का नहीं, बल्कि दोनों जिम्मेदारियों को निभाने का है। मतदान से पहले अपना वोट डालकर यात्रा पर निकलने की योजना भी बना सकते हैं। ऐसे में मतदान से पहले और मतदान वाले दिन शहर में मतदाताओं की मौजूदगी चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण हो जाएगी।







