--विज्ञापन यहां--

बीकानेर में आरजीएचएस योजना में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका, जांच में जुटी एसओजी टीम

On: May 13, 2026 6:53 PM
हमें फॉलो करें:
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

फेसबुक से जुड़े

Join Now

बीकानेर में आरजीएचएस योजना में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका, जांच में जुटी एसओजी टीम

बीकानेर। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए संचालित आरजीएचएस योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की आशंका के बीच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम बीकानेर पहुंची है। शहर की एक निजी डायग्नोस्टिक लैब को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुट गई हैं। सूत्रों के अनुसार बीकानेर में इस प्रकरण की जांच नेमीचंद के नेतृत्व में की जा रही है। एसओजी टीम ने संबंधित लैब से जुड़े रिकॉर्ड, बिल और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान आरजीएचएस योजना के तहत जारी कुछ बिलों में पीबीएम अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग से जुड़े चिकित्सक के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर मिलने की बात सामने आई है। दस्तावेजों के सत्यापन के लिए एसओजी अधिकारियों ने पीबीएम अस्पताल प्रशासन और संबंधित चिकित्सक से भी पूछताछ की है।

सूत्रों का दावा है कि प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें हस्ताक्षर और सील की प्रमाणिकता पर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरजीएचएस योजना के नाम पर फर्जी जांच, कागजी बिलिंग और चिकित्सकीय अनुमोदन के जरिए करोड़ों रुपए के भुगतान उठाने का खेल लंबे समय से चल रहा हो सकता है।

बताया जा रहा है कि एसओजी अब लैब से जुड़े वित्तीय लेनदेन, मरीजों के रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट्स और आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों का तकनीकी परीक्षण भी कर सकती है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जीवाड़ा किसी एक स्तर पर हुआ या इसमें विभागीय एवं बाहरी लोगों की मिलीभगत भी शामिल है।

हालांकि अब तक एसओजी अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन चिकित्सा जगत में इस जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।

प्रधान संपादक - निखिल चावला

अपनी बात हमारे शहर-प्रदेश से लेकर, देश-दुनिया तक की बेबाक खबरों के लिए प्रस्तुत है अलर्ट भारत। खबर शहर की हो या ग्रामीण क्षेत्र की, सबसे पहले आप तक पहुंचाने का काम कर रहा है अलर्ट भारत। सार गर्भित, निर्भीक, पुष्ट और विश्वससनीय समाचारों के दम पर अलर्ट भारत ने अल्प समय में ही पाठकों तक अपनी गहरी पहुंच बनाने में प्रयासरत है। शहर की गलियों-पाटों-चौराहों की छोटी से छोटी खबरों से लेकर देश-दुनिया के महत्वपूर्ण सामयिक मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी और सटीक विश्लेषण के साथ पठनीय सामग्री दी जा रही है। हमारा ध्येय भी यही है कि खबर को खबर के तौर पर ही प्रस्तुत किया जाए, उसके साथ, आंकड़ों के साथ और उसकी विश्वसनीयता के साथ कोई छेड़छाड़ या बदलाव नहीं किया जाए। यह पाठकों का ही स्नेह है जो हमें समय-समय पर अपने अमूल्य सुझाव देते रहे हैं, जिनके आधार पर हम आगे बढ़ रहे हैं। अलर्ट भारत के समाचार आपको हमारे फेसबुक, ट्वीटर, इन्स्टाग्राम पर भी मिल जाएंगे। अतिशीघ्र ही अलर्ट भारत का एप भी लांच किया जाएगा। हम समाज की विषयवस्तु को समाज से लेकर वापस समाज के ही समक्ष प्रस्तुत करते रहे हैं। पाठकों से मिली सूचना को पुन: पाठकों तक ही पहुंचाने का काम हम कर रहे हैं यानी तेरा तुझको अर्पण-अलर्ट भारत।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

फेसबुक से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें